भ्रूण चिकित्सा


मणिपाल हॉस्पिटल्स में भ्रूण चिकित्सा विभाग देश में सबसे बड़ी और सबसे प्रभावी प्रसवपूर्व देखभाल व्यवस्थाओं में से एक है, जो गर्भावस्था के सभी चरणों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए समर्पित है।

OUR STORY

Know About Us

Why Manipal?

मणिपाल हॉस्पिटल्स की मातृ-भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, नियोनेटोलॉजिस्ट, पेरिनेटोलॉजिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ और अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट शामिल हैं जो अपने संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं। इस टीम के पास गर्भावस्था के सभी चरणों में रोगियों की निगरानी, ​​निदान और उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण और प्रयोगशालाएं उपलब्ध है।

Treatment & Procedures

गैर-इनवेसिव परीक्षण

प्रभावी प्रसवपूर्व देखभाल कार्यक्रम के लिए अल्ट्रासाउंड जैसे गैर-इनवेसिव परीक्षण सबसे सुरक्षित और सबसे विश्वसनीय प्रक्रियाएं हैं। नियमित प्रसवपूर्व देखभाल कार्यक्रम में आमतौर पर पहले 6 से 10 सप्ताह में एक फेटल वायबिलिटी स्कैन किया जाता है, इसके बाद पहली तिमाही में स्क्रीनिंग और एनटी स्कैन होता है। भ्रूण में किसी भी असामान्यता का पता लगाने या उसकी उपस्थिति…

Read More

असिस्टेड रिप्रोडक्शन में फॉलिक्युलर…

यह बच्चा पैदा करने की इच्छा रखने वाले लाखों दम्पत्तियों को आशा प्रदान करने वाले असिस्टेड रिप्रोडक्शन में सबसे महत्वपूर्ण परीक्षणों में से एक है। फॉलिक्युलर अध्ययन एवं निगरानी ओवेरियन फोलिकिल्स का अध्ययन करने के लिए की जाती हैं जिनका उपयोग अंडों का अंडोत्सर्ग होने की पहचान करने के लिए किया जाता है। यह अंडाशय, गर्भाशय और गर्भाशय की परत का अध्ययन करने…

Read More

प्रसूति स्कैन

प्रसूति स्कैन-भ्रूण जीवनक्षमता, विसंगति और विकास स्कैन मणिपाल हॉस्पिटल्स में सर्वोत्कृष्ट श्रेणी के स्क्रीनिंग उपकरण उपलब्ध हैं जिनका संचालन प्रतिभाशाली तकनीशियनों की एक टीम द्वारा किया जाता है, जो त्रुटि की कोई संभावना नहीं छोड़ते हैं। उनके निदान की सटीकता प्रशंसनीय है और हमारे स्त्री रोग विशेषज्ञों को उपचार के लिए कार्य योजना तैयार करने में मदद करती…

Read More

डॉपलर स्टडीज

सटीक परिणाम संभोग करने के लिए मणिपाल हॉस्पिटल्स लैब में शीर्ष स्तरीय स्कैनिंग उपकरणों की समुचित व्यवस्था की गई है। हाई प्रेसीजन डॉपलर अल्ट्रासाउंड वाहिकाओं में रक्त की गति का पता लगाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है। इस प्रकार गर्भावस्था में इसका उपयोग बच्चे, गर्भाशय और प्लेसेंटा में रक्त परिसंचरण का अध्ययन करने के लिए किया जाता है। उच्च जोखिम…

Read More

फीटल इको स्टडीज

भ्रूण की इकोकार्डियोग्राफी एक अल्ट्रासाउंड के समान है। इसमें केवल यह अंतर होता है कि यह मशीन ध्वनि तरंगों का उपयोग करती है जो भ्रूण के हृदय की संरचनाओं से 'प्रतिध्वनि’ हो जाती हैं । इस परीक्षा का उपयोग करके आपके डॉक्टर आपके अजन्मे बच्चे के हृदय की संरचना और कार्य को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं किसी भी प्रकार की जटिलता का पता लगा सकते हैं। यह जाँच आमतौर…

Read More

गाइनेकोलॉजिकल स्कैन

गाइनेकोलॉजिकल स्कैन की श्रेणी में, पेल्विक अल्ट्रासाउंड एक गैर-इनवेसिव डायग्नोस्टिक परीक्षा है जिसमें ऐसी छवियां उत्पन्न की जाती हैं जिनका उपयोग महिला श्रोणि के भीतर अंगों और संरचनाओं का आकलन करने के लिए किया जाता है। पैल्विक अल्ट्रासाउंड का उपयोग करके महिला श्रोणि अंगों और गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, योनि, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय आदि संरचनाओं का तुरंत…

Read More

सिस्ट एस्पिरेशन

सिस्ट एस्पिरेशन ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग ब्रेस्ट सिस्ट से तरल पदार्थ निकालने के लिए किया जाता है। अधिकांश सिस्ट सौम्य (गैर-कैंसरयुक्त) होते हैं, हालांकि कुछ सिस्ट काफी कोमल होते हैं। सिस्ट से तरल पदार्थ निकालने से लक्षण या परेशानी कम हो सकती है। कुछ मामलों में जहां आपके स्त्री रोग विशेषज्ञ को कैंसर जैसे विकार का संदेह होता है, वहाँ रोग की प्रगति…

Read More

एमनियोसेंटेसिस

एमनियोसेंटेसिस एक प्रसवपूर्व परीक्षण है जिसमें परीक्षण के लिए भ्रूण के आसपास की थैली से थोड़ी मात्रा में एमनियोटिक द्रव निकाला जाता है। अल्ट्रासाउंड मार्गदर्शन का उपयोग करके पेट के माध्यम से गर्भाशय में डाली गई एक महीन सुई से एमनियोटिक द्रव का नमूना (एक औंस से कम) निकाला जाता है।

Read More

भ्रूण रक्त नमूनाकरण

भ्रूण रक्त नमूनाकरण {फेटल ब्लड सैंपलिंग (एफबीएस)} भ्रूण के रक्त तक पहुंच प्राप्त करने के लिए उपयोग की जाने वाली इन तीन तकनीकों को संदर्भित करता है: कॉर्डोसेन्टेसिस - जिसे परक्यूटेनियस नाभि रक्त नमूनाकरण भी कहा जाता है, इंट्राहेपेटिक रक्त नमूनाकरण और कार्डियोसेंटेसिस। भ्रूण रक्त नमूनाकरण (एफबीएस) के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीकों का उपयोग भ्रूण को अंतःशिरा…

Read More

भ्रूण रक्त आधान

भ्रूण रक्त आधान ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग भ्रूण में रक्ताल्पता (एनीमिया) के उपचार के लिए किया जाता है। भ्रूण में रक्ताल्पता तब होती है जब बच्चे का ब्लड काउंट बहुत कम हो जाता है। यह स्थिति जीवन के लिए खतरा हो सकती है, यही वजह है कि भ्रूण में रक्ताल्पता का पता चलने के तुरंत बाद भ्रूण को रक्त आधान किए जाने की आवश्यकता होती है।

Read More

डायग्नोस्टिक और चिकित्सीय भ्रूण…

फेटोस्कोपी गर्भावस्था के दौरान की जाने वाली एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है जिससे भ्रूण, एमनियोटिक गुहा, गर्भनाल और नाल के भ्रूण पक्ष तक सर्जिकल पहुंच संभव की जाती है। पेट में एक छोटा-सा चीरा लगाया जाता है, और पेट की दीवार और गर्भाशय से होकर एक एंडोस्कोप को एमनियोटिक गुहा में डाला जाता है। मां के पेट पर एक छोटा-सा चीरा लगाकर एंडोस्कोप को अंदर ले जाया जाता…

Read More

ट्विन-टू-ट्विन ट्रांसफ्यूजन सिंड्रोम…

ट्विन-टू-ट्विन ट्रांसफ्यूजन सिंड्रोम में लेजर एब्लेशन और कॉर्ड कोगुलेशन टीटीटीएस (ट्विन-टू-ट्विन ट्रांसफ्यूजन सिंड्रोम) के उपचार की सबसे आम प्रक्रिया है रिडक्शन एमनियोसेंटेसिस। इस प्रक्रिया में प्राप्तकर्ता जुड़वां के आसपास से एमनियोटिक द्रव निकाला जाता है । खासकर अगर प्लेसेंटा में ऐनास्टोमोसिस या क्रॉस कनेक्शन सतही है और टीटीटीएस (ट्विन-टू-ट्विन ट्रांसफ्यूजन…

Read More

गर्भावस्था और गैर-गर्भावस्था संबंधी…

गर्भावस्था और गैर-गर्भावस्था संबंधी स्थितियों के लिए साक्ष्य आधारित परामर्श गर्भावस्था से पहले देखभाल का लक्ष्य लोगों द्वारा बच्चे पैदा करने की योजना बनाने से पहले महिला, भ्रूण और नवजात शिशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव के जोखिम को कम करना है। यह कार्य स्वास्थ्य को अनुकूलित करने, परिवर्तनीय जोखिम कारकों को संबोधित करने और स्वस्थ गर्भावस्था के बारे…

Read More

मणिपाल हॉस्पिटल्स की मातृ-भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य की निगरानी करती है ताकि जटिलताओं का जल्द पता लगाया जा सके और डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड, विजिबिलिटी स्कैन, एनटी स्कैन और एन्यूप्लॉयडी रिस्क कैलकुलेशन, डायग्नोसिस, परामर्श, और एकाधिक गर्भधारण/आरएच प्रतिरक्षित गर्भावस्था का प्रबंधन जैसी सुविधाओं से सही समय पर हस्तक्षेप किया जा सके।

कुछ नियमित पेशकशें हैं:

  • स्कैनिंग और डायग्नोस्टिक्स

  • अल्ट्रासाउंड

  • एनटी स्कैन और रिस्क कैलकुलेशन 

  • अनोमली स्कैनिंग

  • फेटल ग्रोथ एंंड वेलबीईंग स्कैन 

  • आनुवंशिक / गुणसूत्र दोषों के लिए स्क्रीनिंग

  • फेटल 2-डी इको / भ्रूण इकोकार्डियोग्राफी

  • फेटल एंड और मेटरनल डॉपलर स्टडी 

  • एकाधिक गर्भधारण /आरएच प्रतिरक्षित गर्भावस्था के विषय में गणना, निदान, परामर्श और प्रबंधन

  • 3डी/4डी इमेजिंग

  • उच्च जोखिम गर्भावस्था के विषय में परामर्श

  • जोखिम पुनर्मूल्यांकन स्कैन

  • गर्भावस्था पूर्व परामर्श

Facilities & Services

प्रभावी प्रसवपूर्व देखभाल कार्यक्रम के लिए अल्ट्रासाउंड जैसे गैर-इनवेसिव परीक्षण सबसे सुरक्षित और सबसे विश्वसनीय प्रक्रियाएं हैं। नियमित प्रसवपूर्व देखभाल कार्यक्रम में आमतौर पर पहले 6 से 10 सप्ताह में एक फेटल वायबिलिटी स्कैन किया जाता है, इसके बाद पहली तिमाही में स्क्रीनिंग और एनटी स्कैन होता है। भ्रूण में किसी भी असामान्यता का पता लगाने या उसकी उपस्थिति न होने की बात सुनिश्चित करने के लिए 18 से 23 सप्ताह के बीच एक विस्तृत अनोमली स्कैन किया जाता है। इस समय के आसपास, भ्रूण के हृदय के स्वास्थ्य की जांच के लिए भ्रूण की इकोकार्डियोग्राफी की जाती है। दूसरी तिमाही के अंत में, भ्रूण के विकास की निगरानी के लिए एक फेटल वेल बीइंग स्कैन की अनुशंसा की जाती है।

गर्भवती माँ और उसके बच्चे के लिए जोखिम को कम करने का सबसे अच्छा तरीका नियमित अंतराल पर निगरानी करना है ताकि जटिलताओं का जल्द से जल्द पता लगाया जाना सुनिश्चित हो सके। किसी भी प्रकार की असामान्यताओं से उनके आरम्भिक अवस्थाओं में निपटना और उन्हें ठीक करना बहुत आसान होता है। गैर-इनवेसिव परीक्षण विधियां मां और बच्चे दोनों के लिए कम से कम जोखिम की संभावना को सुनिश्चित करती हैं।। 

अग्रिम सेवा की पेशकश: - भ्रूण के हस्तक्षेपपरक उपचार - फेटल कार्ड ब्लड सैम्पलिंग - अंतर्गर्भाशयी रक्त आधान - एमनियोसेंटेसिस - कोरियोनिक विलस सैम्पलिंग - फेटल प्लूरोसेंटेसिस / टैपिंग - फेटल शंटिंग - फेटल रिडक्शन

FAQ's

Ideally, your first visit should be before becoming pregnant. This allows a doctor to provide counseling to help you prepare for pregnancy and also to identify any risk factors that can be reduced and address them before pregnancy. If your first visit is after pregnancy, the first step is confirmation of pregnancy and then counseling.

High blood pressure Diabetes Carrying multiple fetuses Age - Teens and women above 35 years of age are at higher risk Existing health complications in the mother. To know more, visit our fetal medicine hospital in Old Airport Road, Bangalore.

If any abnormalities or complications arise in the developing fetus, interventional procedures may be required to help the fetus survive or grow. Interventional treatments are only carried out if recommended by a multidisciplinary team of maternal-fetal medicine experts. All risks and options will be presented with advice to make the right decision. Visit our best fetal medicine hospital in Bangalore to know more about treatment.

In pregnancies, medical supervision comes highly recommended due to the risks of complications in pregnancy going unnoticed until it is too late. Regular scans and timely interventions are life-saving procedures that form a crucial part of prenatal care.

मणिपाल हॉस्पिटल ऐसी उच्च गुणवत्तायुक्त, अत्याधुनिक, व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है जो महिलाओं को उनकी गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित रखने और स्वस्थ, प्रसन्न मां बनने में सहायक सिद्ध होती है। मातृ-भ्रूण चिकित्सा विशेषज्ञों की हमारी गहन सूक्ष्मता से कार्य करने वाली टीम इसका एक प्रमाण है।

प्रसव पूर्व देखभाल के बारे में अधिक जानने के लिए हमसे संपर्क करें और विशेषज्ञों की हमारी टीम के साथ अपॉइंटमेंट बुक करें!

Explore Stories

Homecare icon अपॉइंटमेंट
Homecare icon स्वास्थ्य जांच
Homecare icon होम केयर
हमसे संपर्क करें
सीओओ को लिखें
review icon हमारी समीक्षा करें
हमें कॉल करें