अंग प्रत्यारोपण


अंग प्रत्यारोपण, जीवन रक्षक सर्जरी है जिसमें रोगग्रस्त अंग के स्थान पर जीवित या मृत व्यक्ति के स्वस्थ अंग को प्रतिस्थापित कर दिया जाता है। अंग प्रत्यारोपण से न केवल रोगी का जीवन काल बढ़ जाता है बल्कि उसके जीवन की गुणवत्ता में भी काफी सुधार होता है जिससे वह शारीरिक रूप से सक्रिय हो सकता है और स्वस्थ व्यक्ति की तरह सामान्य जीवन जी सकता है। हृदय, गुर्दे, यकृत, फेफड़े, अग्न्याशय, अस्थि मज्जा और आंखों की सर्जरी कुछ सबसे सामान्य अंग प्रत्यारोपण सर्जरी हैं। क्षतिग्रस्त अंग को स्वस्थ अंग से बदलना जटिल और महंगी प्रक्रिया है। जटिलताओं और संशोधन सर्जरी से बचने के लिए विशेषज्ञ सर्जन और प्रत्यारोपण चिकित्सकों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, रोगी को सर्जरी के लिए फिट घोषित करने हेतु अन्य विभागों के साथ परामर्श की भी आवश्यकता होती है। मणिपाल हॉस्पिटल्स में अत्यंत सावधानी से प्रत्यारोपण सर्जरी करने के लिए अंग प्रत्यारोपण इकाई में अति-आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ देखभाल की व्यवस्था है।

OUR STORY

Know About Us

Why Manipal?

हमारी अंग प्रत्यारोपण टीम को 2000 से अधिक सफल प्रत्यारोपण सर्जरी करने का अनुभव है।
हम बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए प्रत्यारोपण करते हैं।
इस विभाग में उन्नत प्रत्यारोपण प्रक्रियाओं की व्यवस्था है और इसके चिकित्सा कर्मचारी अत्यधिक अनुभवी हैं। 
अंग प्रत्यारोपण विभाग को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे, परिष्कृत प्रयोगशालाओं और रक्त आधान सेवाओं द्वारा पूरी तरह से सहयोग समर्थन प्रदान किया जाता है। 
मणिपाल हॉस्पिटल, भारत में सबसे अच्छे मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स में से एक है और यहाँ रोगी को एक ही अवस्थापना में हर प्रकार की मल्टी-स्पेशियलिटी देखभाल मिल जाती है। 
 

Treatment & Procedures

यकृत और अग्न्याशय प्रत्यारोपण

यकृत और अग्न्याशय प्रत्यारोपण (वयस्क और बच्चों के लिए) यकृत, जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शरीर के सबसे जटिल अंगों में से एक है। यकृत प्रत्यारोपण होने पर जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो जाती है और रोगियों को स्वस्थ जीवन जीने में सहायता मिलती है। अग्न्याशय प्रत्यारोपण, दाता से प्राप्त स्वस्थ अग्न्याशय को मधुमेह से ग्रसित व्यक्ति में प्रत्यारोपित…

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हृदय प्रत्यारोपण

हृदय प्रत्यारोपण हृदय प्रत्यारोपण एक ऐसी सर्जरी है जिसमें किसी व्यक्ति से रोग ग्रस्त हृदय को निकाल कर उसके स्थान पर किसी दाता से प्राप्त स्वस्थ हृदय को लगाया जाता है। दो या दो से अधिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की राय में दाता के ब्रेन-डेड हो जाने पर दाता से हृदय निकाला जा सकेगा। हृदय प्रत्यारोपण के लिए आपको प्रतीक्षा सूची में रखे जाने से पहले हृदय रोग…

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मल्टी-ऑर्गन प्रत्यारोपण

कभी-कभी मल्टी-ऑर्गन प्रत्यारोपण करना आवश्यक हो सकता है क्योंकि यकृत या किडनी रोगग्रस्त हृदय से प्रभावित हो सकते हैं। हृदय-यकृत, हृदय-फेफड़े और हृदय-किडनी के प्रत्यारोपण तब किए जाते हैं जब रोगी को बचाने के लिए केवल हृदय को बदलना पर्याप्त नहीं हो सकता है।

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जीआई कैंसर के लिए ओपन लैप्रोस्कोपिक…

जीआई कैंसर के लिए ओपन, लैप्रोस्कोपिक और रोबोटिक प्रक्रियाएं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर, कैंसरों का ऐसा समूह है जो गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जठरांत्र मार्ग) और पाचन तंत्र के भीतर निहित भोजन-नलिका, अग्न्याशय, पेट, बृहदान्त्र, पेट, मलाशय, गुदा, यकृत, पित्त प्रणाली, और छोटी आंत जैसे अन्य अंगों को प्रभावित करता है। बीते समय में जीआई कैंसर के लिए…

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यकृत, पित्ताशय की थैली और पित्त…

यकृत, पित्ताशय की थैली और पित्त नली की सर्जरी हेपाटो-पैनक्रिएटो-बिलियरी (एचपीबी) सर्जरी में यकृत, अग्न्याशय, पित्त नलिकाओं और पित्ताशय की सर्जरी की जाती है। एचपीबी सर्जरी में यकृत कैंसर और अन्य मेटास्टेटिक यकृत कैंसर, पित्त नली के कैंसर, गॉल ब्लैडर कैंसर के लिए यकृत रिसेक्शन सर्जरी, अग्नाशय के कैंसर के लिए सर्जरी एवं व्हिपल्स रिसेक्शन किया जाता है।…

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किडनी प्रत्यारोपण

किडनी प्रत्यारोपण किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी में, जब मरीज की किडनी काम नहीं करती है तो उसके स्थान पर स्वस्थ दाता से प्राप्त होने वाली स्वस्थ किडनी को प्रत्यारोपित किया जाता है। किडनी प्रत्यारोपण आमतौर पर अंतिम चरण की किडनी की विफलता से पीड़ित और हेमोडायलिसिस पर निर्भर लोगों के लिए अंतिम और एकमात्र विकल्प होता है। अंतिम चरण का किडनी का रोग तब होता है…

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अग्नाशय की सर्जरी, व्हिपल की प्रक्रिया

अग्नाशय की सर्जरी, व्हिपल की प्रक्रिया व्हिपल प्रक्रिया या पैनक्रियाटिकोडोडोडेनेक्टॉमी, लगभग 5-6 घंटे तक चलने वाली अत्यधिक विशिष्ट और जटिल सर्जरी है, यह अग्न्याशय में हो जाने वाले ट्यूमर को हटाने के लिए की जाने वाली सबसे आम सर्जरी है। इस प्रकार की सर्जरी में न केवल जठरांत्र मार्ग के एक बड़े हिस्से को निकाल दिया जाता है बल्कि उसका पुनर्निर्माण भी किया…

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स्प्लेनेक्टोमी और शंट सर्जरी

स्प्लेनेक्टोमी और शंट सर्जरी प्लीहा पेट के ऊपरी बाईं ओर आपके रिब पंजर के नीचे स्थित अंग होता है। यह संक्रमण से लड़ने में मदद करता है और आपके रक्त से पुरानी या क्षतिग्रस्त रक्त कोशिकाओं जैसे अपशिष्ट पदार्थों को फ़िल्टर करता है। स्प्लेनेक्टोमी आपके प्लीहा को हटाने के लिए की जाने वाली शल्य प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया तब की जाती है जब प्लीहा फट जाता है,…

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एसोफैगेक्टोमी गेस्ट्रोक्टॉमी और…

एसोफैगेक्टोमी गेस्ट्रोक्टॉमी और कोलेक्टोमी एसोफैगेक्टोमी ऐसी शल्य प्रक्रिया है जिसमें आपके मुंह और पेट के बीच स्थित भोजन-नलिका के हिस्से को हटा दिया जाता है, और फिर कुछ या सभी अन्य अंगों, आमतौर पर पेट, का उपयोग करके इसका पुनर्निर्माण किया जाता है। गेस्ट्रोक्टॉमी में पेट के हिस्से या पूरे पेट को हटाया जाता है। गेस्ट्रोक्टॉमी के प्रकारों में पार्शियल…

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ओसोफैगेक्टोमी गेस्ट्रोक्टॉमी और…

ओसोफैगेक्टोमी, गैस्ट्रेक्टोमी और कोलेक्टोमी में समाधान एसोफैगस के कैंसर के उपचार के लिए ज्यादातर ओसोफैगेक्टोमी की जाती है। गैस्ट्रेक्टोमी का उपयोग अक्सर पेट के कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है। इसके लिए सर्जरी दो प्रकार की होती है - पहली ओपन गेस्ट्रोक्टॉमी जिसमें आपके पेट या छाती में एक बड़ा कट लगाया जाता है, और दूसरी की-होल सर्जरी (लेप्रोस्कोपिक…

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ओसोफेजक्टोमी, गैस्ट्रेक्टोमी और…

ओसोफेजक्टोमी, गैस्ट्रेक्टोमी और कोलेक्टोमी में जटिलताएं ओसोफेजक्टोमी में कई जोखिम होते हैं जिनमें संक्रमण, रक्तस्राव, खांसी, आहार नलिका और पेट के सर्जिकल कनेक्शन से रिसाव, स्वर बैठना/ कर्कशता, अम्ल या बाइल रिफ्लैक्स, श्वसन संबंधी जटिलताएं, जैसे निमोनिया और निगलने में कठिनाई (डिस्फेजिया) शामिल हैं। गेस्ट्रोक्टॉमी में, संक्रमण, रक्तस्राव और सिले गए क्षेत्र…

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गुदा असंयति और रेक्टो वैजाइनल…

गुदा असंयति और रेक्टो वैजाइनल फिस्टुला का सर्जिकल उपचार आंत्र असंयति की गंभीरता में भिन्नता हो सकती है, यह अपान वायु का उत्सर्जन करते समय किंचित मात्रा में मलोत्सर्ग हो जाने से लेकर आंत्र नियंत्रण की पूर्ण हानि जितनी गंभीर हो सकती है। गर्भावस्था की संभावित जटिलता के रूप में महिलाओं में यह होना आम बात है। हालांकि यह समस्या गंभीर नहीं होती है, लेकिन…

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गुदा असंयति और रेक्टो वैजाइनल…

गुदा असंयति और रेक्टो वैजाइनल फिस्टुलस सर्जरी में समाधान क्षतिग्रस्त या कमजोर गुदा स्फिंक्टर की मरम्मत के लिए की जाने वाली सर्जरी को स्फिंक्टरोप्लास्टी कहा जाता है। सर्जन द्वारा क्षतिग्रस्त मांसपेशी को हटा दिया जाता है फिर मांसपेशियों के किनारों को ओवरलैप करके मांसपेशियों को समर्थन प्रदान करने और स्फिंक्टर को कसने के लिए उन्हें आपस में फिर से सिल दिया…

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जटिल अनल फिस्टुला और बवासीर का…

जटिल अनल फिस्टुला और बवासीर का सर्जिकल उपचार फिस्टुलोटॉमी, अनल फिस्टुला को हटाने के लिए किया जाने वाला प्रभावी शल्य चिकित्सा उपचार है और व्यापक या गंभीर आंतरिक या बाहरी बवासीर को हटाने के लिए हेमोराहाइडेक्टोमी पसंदीदा सर्जरी है। सर्जिकल हेमोराहाइडेक्टोमी बवासीर के लिए सबसे प्रभावी उपचार है। मणिपाल हॉस्पिटल क्यों चुनें मणिपाल हॉस्पिटल में प्रत्येक स्थिति…

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इन्फ्लैमेटरी बाउल डिसीज़ेस आईबीडी…

इन्फ्लैमेटरी बाउल डिसीज़ेस (आईबीडी) - क्रोहन, अल्सरेटिव कोलाइटिस का सर्जिकल उपचार क्रोहन रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस सभी इन्फ्लैमेटरी बाउल रोगों में सबसे आम रोग हैं। क्रोहन रोग पाचन तंत्र की चिरकालिक सूजन वाली बीमारी है और इसके लक्षणों में पेट में दर्द और दस्त, कभी-कभी रक्त के साथ दस्त, और वजन कम होना शामिल हैं। अल्सरेटिव कोलाइटिस तब होता है जब आपकी बड़ी…

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फेफड़े का प्रत्यारोपण

रोगग्रस्त फेफड़े के कारण फेफड़े की विफलता वाले लोगों के लिए फेफड़े का प्रत्यारोपण अंतिम विकल्प होता है। नया फेफड़ा न केवल आपके जीवन को बचाता है बल्कि प्रत्यारोपण के बाद आपके जीवन को पहले से बेहतर भी बनाता है। मणिपाल हॉस्पिटल क्यों चुनें समर्पित और सभी प्रकार की सुविधाओं से पूर्ण अंग प्रत्यारोपण इकाई होने के कारण मणिपाल हॉस्पिटल्स को अंग प्रत्यारोपण…

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Facilities & Services

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FAQ's

There are 8 organs that can be donated: the liver, lungs, heart, kidneys, pancreas and small intestine. Your tissues can also improve the quality of life for many ill people; the tissues you can donate are your skin, corneas, bone tissue including tendons and cartilage, heart valves and blood vessels.

Yes, people with organ transplant have an increased risk of infection. This is because they are on immunosuppressants to prevent organ rejection. These drugs suppress the immune system and make the person vulnerable to infection.

You are eligible for a kidney transplant, if:

  • You are suffering from end-stage renal disease and/or are on dialysis.

  • You are in good health to tolerate the physical and mental stress of major surgery.

  • You do not have any other life-threatening condition, such as advanced cancer, other than renal failure, that reduces your chances of survival.

The survival rate of the patient after a kidney transplant depends upon various factors including the age of the patient, the genetic compatibility with the donor, underlying medical condition, and the occurrence of episodes of rejection. On average, the kidney functions for 10-12 years after transplantation. Many people may also require a second kidney transplant surgery.

The eligibility criteria for donating a liver are:

  • Should be in the age range of 18 years to 55 years

  • Should give free consent and should not be of unsound mind

  • Should not have an underlying medical condition such as hypertension, diabetes or obesity

  • Should have a Liver Attenuation Index (LAI) greater than 5 (liver biopsy to be done if LAI is less than 5)

The time for a stay at the hospital depends upon various factors such as the age of the patient, speed of recovery, and severity of surgical complications if any. The patient, on average, stays at the hospital for around 2-4 weeks. During his stay, the doctor evaluates the vital parameters especially related to heart, monitors organ rejection, and adjusts the dosage and schedule of medications.

The doctor at the best organ transplant hospital in Dwarka, Delhi prescribes the patient various medications. These medications include antibiotics to reduce the risk of infection, painkillers to relieve pain, and immunosuppressants to prevent organ rejection. Most medications are discontinued a few days after organ transplants. However, some medications like immunosuppressants may be required for a longer period.

With the advancements in technology for performing surgeries, a high level of post-surgical care, and innovative medications for preventing organ rejection, the rate of success has significantly increased. To know more, visit the organ transplant hospital in Dwarka, Delhi.

It has been found that patients with live donor kidney transplants have a high survival rate as compared to deceased donor renal transplants. Apart from this, the live donor renal transplant has various other advantages:

  • Reduced time on the waitlist

  • Scheduled transplantation surgery

  • A comprehensive evaluation of the donor’s kidney

  • Avoidance of dialysis ( in pre-emptive kidney transplants)

Get the best treatment at the leading organ transplant hospital in Dwarka, Delhi.

You should have the following lifestyle changes after liver transplantation:

  • Avoid alcohol

  • Exercise regularly

  • Have a healthy diet

  • Avoid beverages containing alcohol

  • Incorporate fiber in your diet

  • Take fresh fruits every day

  • Take food with low sugar, cholesterol, and salt

To know more arrive at the finest organ transplant hospital in Dwarka, Delhi.

A pacemaker is required in case of abnormal cardiac rhythm. Not all patients, after a heart transplant, require a pacemaker. The requirement for the pacemaker depends upon various factors including the underlying cardiovascular conditions, the age of the patient, and an increase in treated rejection incidents. Patients with a pre-plant diagnosis of ischemic cardiomyopathy may require a pacemaker. Get the best treatment at the top organ transplant hospital in Dwarka, Delhi.

Patients that may require heart transplants are:

  • The patient should have end-stage heart disease, such as significant heart failure or advanced cardiomyopathy, which is not managed by other treatment options.

  • The condition of the patient indicates an increased risk of mortality if the transplantation is not done. 

  • Patients should not have other conditions that reduce their chances of survival. 

  • The patient should not be obese

  • Patients should be psychologically stable and of sound mind to understand the risk and benefits of surgery.

  • Patients should be healthy to tolerate the stress of surgery and post-surgical recovery.

  • The patient is committed to following the instruction of the surgeon before and after the surgery.

Get a consultation at the topmost organ transplant hospital in Dwarka, Delhi to know more about the treatment.

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